Business कैसे शुरू करें?




आज का दौर उद्यमिता का है। अच्छे कॉलेज से ऊंचे स्तर
की व्यावसायिक शिक्षा लेने वाले छात्र भी आजीविका के
लिए नौकरी की बजाय बिजनेस को चुन रहे हैं। कुछ
ऐसे उदाहरण भी हैं, जिनमें मल्टीनेशनल कंपनियों के
सफल अधिकारियों ने नौकरी छोड़ अपना बिजनेस शुरू
किया है। कुल मिला कर हर दूसरा व्यक्ति बिजनेस में
हाथ आजमा रहा है, जिसमें से कुछ के हाथ सफलता
लग रही है तो कुछ अपने खुशहाल वर्तमान से हाथ धो
बैठे हैं।

करियर के विकल्पों और आय की नजर से देखा जाए तो
बिजनेस बढ़िया सौदा लगता है, लेकिन अगर इसमें छिपी
अनिश्चितता पर गौर किया जाए तो यह खतरों से भरा
काम नजर आता है। इस मामले में सोच की जो स्पष्टता है वो बहुत जरूरी है, अधिकतर बिजनेस शुरू करने वालों में उसका
अभाव देखने को मिलता है। यही कारण है कि व्यापार
की जमीनी सच्चाइयों के सामने नौसिखिए बिजनेसमैन
घुटने टेक देते हैं।

इसीलिए यदि व्यापार करने की सोच रहे हैं तो इसकी
जमीनी वास्तविकताओं के लिए खुद को तैयार कर लें।
उसके लिए जरूरी है कुछ बातों पर गौर करना, ताकि
आपका बिजनेस भी आपकी योजना के अनुसार ही
आगे बढ़ता जाए। तो खुद को करें इस तरह तैयार।

कानूनी पक्ष को समझना जरूरी


आप कैसा भी व्यापार करें, उस पर कुछ कानून भी लागू
होंगे। उनके बारे में अच्छी तरह पढ़ें। उस इंडस्ट्री के क्या
मानक हैं, उससे संबंधित सरकारी नीतियां क्‍या हैं, बैंक
सेक्टर उस उद्योग क्षेत्र के बारे में क्या नजरिया दर्शाता है,
यह जानने के साथ-साथ पूंजी से संबंधित नियम अच्छी
तरह से जान-समझ लें। जो भी व्यापार करने जा रहे हैं,
उससे जुड़ा हुआ हर एक नियम अच्छी तरह पढ़ें।


सबसे पहले अपनी सुरक्षा


आमतौर से एक नौकरीशुदा शख्स की असाधारण
व्यापारी बनने की लोकप्रिय कहानी कुछ इस तरह होगी।
उसने व्यापार का निर्णय लिया। नौकरी छोड़ी। कम पूंजी
और समर्पण से शुरुआत की और सफलता उसकी हुई।
पर इस कहानी में दो बातें गौर करने वाली हैं। एक तो
यह कि नौकरी छोड़ने से पहले उसने और क्या-क्या
सोचा और किया, किसी को पता नहीं और दूसरा बिंदु है
व्यापार शुरू होने और सफलता मिलने के बीच का वक्त।

दरअसल कोई भी व्यापार शुरू होने के कम से कम दो
साल बाद लाभ देना शुरू करता है। ऐसे में अगर आप
व्यापार की सोच रहे हैं तो कम से कम दो-तीन साल तक
के लिए अपने रोज के खर्चों के लिए आवश्यक धन की
आमद सुनिश्चित करें। कोई इमरजेंसी आने पर उस खर्च
से कैसे निपटेंगे, उसका इंतजाम करें। अगर आपकी कुछ
जिम्मेदारियां हैं तो अपने साथी से पहले विचार-विमर्श
कर लें।


दिल की सुनें, दिमाग से काम लें


चूंकि आपके दोस्त ने अपना ऑनलाइन बिजनेस जमा
लिया है, इसका मतलब यह नहीं कि आप भी उसी में
सफल होंगे। खुद से पूछिए कि आप जो करना चाहते हैं,
उसमें होने वाले लाभ को देख कर आप प्रेरित हुए हैं या
यह आपका जुनून है? उस व्यापार से संबंधित
योग्यताओं को लेकर खुद से ईमानदार रहें। उस क्षेत्र की
कठिनाइयों पर नजर डाल कर अपने धैर्य और हिम्मत
की गहराई परखिए, फिर फैसला कीजिए।

मेहनत के लिए कमर कस लें


अकसर व्यापार के लिए कदम बढ़ा रहे लोग तर्क देते हैं
कि अब वे अपने मातहत खुद होंगे। अगर आप भी इस
जुमले को पसंद करते हैं तो कुछ और बातों पर भी ध्यान
दें। माना कि अपने व्यापार में आप ही बॉस होते हैं,
लेकिन तब आपके हिस्से में ही सबसे ज्यादा मेहनत
आती है। कुछ वक्त तो ऐसा गुजरता है, जिसमें हफ्ते की
एक छुट्टी भी आपको नसीब नहीं होगी। अगर दो दिन
बैठ गए तो व्यापार भी दो दिन पीछे चला जाएगा। अगर
आप दो-तीन साल नॉन-स्टॉप काम करने के लिए तैयार
हैं तो फिर कदम आगे बढ़ाएं।

यथार्थवादी बनें



कई बार नए बने उद्यमी शुरुआती सफलता से अपनी
आगे की गणनाओं में अति उत्साह दिखाते हैं। लेकिन
वक्त एक सा नहीं रहता। अपने लाभ और आय को
हमेशा कम करके ही आंकें तो ही आप किसी भी बाधा
के लिए तैयार होंगे। याद रखें कि व्यापार में आपको
किसी दूसरे को प्रभावित करने की शर्त नहीं होती,
इसलिए खुद को मूर्ख बनाने से बेहतर है, सच्चाई समझते
हुए आगे बढ़ें।


शो ऑफ से बचें


व्यापार करना शुरू किया है, इसका मतलब व्यापारी हो
ही गए। इसलिए एक सफल व्यापारी के तौर-तरीके अपनाने का ख्याल शुरुआती दौर में अपने दिमागसे निकाल देना चाहिए। अगर व्यापार की जरूरत नहीं है तो बड़ी, सुसज्जित ऑफिस स्पेस, शानदार कंप्यूटर आदि की बजाय एक गैराज या घर से अपने व्यापार की शुरुआत कीजिए।

अनुभव का करें सम्मान


आपके पास एमबीए की डिग्री है। आप जिजीविषा के
धनी हैं। आपके पास संपर्कों का खजाना है। पर अनुभवी
व्यक्ति से आप फिर भी जीत नहीं पाएंगे। इसीलिए अगर
कोई अनुभवी व्यक्ति आपको व्यापार से संबंधित कुछ
सलाह देता है तो उस पर विचार जरूर करें। खासकर
तब, जब वह व्यक्ति आपका शुभचिंतक हो।


खर्चों में कटौती की आदत


व्यापार की शुरुआत में अलग-अलग कामों के लिए
स्टाफ नियुक्त करके पैसा खर्च करना समझदारी नहीं
कहा जा सकता, पर मल्टीनेशनल कंपनियों से नौकरी
छोड़ कर व्यापार में आए लोगों में यह प्रवृत्ति आम देखी
जाती है। या फिर ऐसे युवा इसका शिकार हो जाते हैं, जो
व्यापार को आरामतलबी से कमाने का दूसरा नाम
समझते हैं। ऐसा नहीं है कि आप अपने उद्यम पर खर्च
ही न करें, पर शुरुआती दौर में तो एक-एक पैसा बचाने
का मतलब उस पैसे को कमा लेना जैसा हुआ। शुरुआती
दौर में ही बेतहाशा खर्च आपके कारोबार के लिए
मुश्किलें खड़ी कर सकता है। यही नहीं, बेवजह का खर्च
उद्यम में पूंजी की कमी का सबब भी बन सकता है।
बचाया गया पैसा आपकी पूंजी में बदल कर बिजनेस को
आगे बढ़ाएगा।

यदि यह जानकारी आपके लिए लाभ कारी सिद्ध हो तो follow ज़रुर करे और करके बताएं।

धन्यवाद।

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